पैरों में रात को ऐंठन क्यों होती है? जानिए कारण, बचाव और घरेलू उपाय

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पैरों में रात को ऐंठन क्यों होती है? जानिए कारण और उपाय

क्या आपकी नींद अचानक पिंडली (Calf) या पैर की उंगलियों में तेज दर्द और ऐंठन के कारण खुल जाती है? कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक रहने वाली यह समस्या बहुत आम है, खासकर 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, गर्भवती महिलाओं और लंबे समय तक खड़े रहने या बैठकर काम करने वालों में।

रात के समय होने वाली इस समस्या को Nocturnal Leg Cramps (रात्रिकालीन पैर की ऐंठन) कहा जाता है। अधिकांश मामलों में यह कोई गंभीर बीमारी नहीं होती, लेकिन यदि यह बार-बार होने लगे तो शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी, पानी की कमी या किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि रात में पैरों में ऐंठन क्यों होती है, इसके कारण क्या हैं, कौन लोग अधिक जोखिम में रहते हैं और इससे बचने के लिए क्या करें।

पैरों की ऐंठन क्या होती है?

पैर की मांसपेशियों का अचानक और अनियंत्रित रूप से सिकुड़ जाना ऐंठन कहलाता है।

इस दौरान व्यक्ति को महसूस हो सकता है-

  • पिंडली में अचानक तेज दर्द
  • मांसपेशी का कठोर या गांठ जैसा महसूस होना
  • पैर की उंगलियों का मुड़ जाना
  • दर्द कुछ मिनट तक रहना
  • ऐंठन खत्म होने के बाद भी कई घंटे तक हल्का दर्द रहना

अधिकतर ऐंठन पिंडली की मांसपेशी में होती है, लेकिन कभी-कभी यह पैर के तलवे, उंगलियों या जांघ में भी हो सकती है।

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रात में पैरों में ऐंठन क्यों होती है?

रात में पैरों में ऐंठन (Nocturnal Leg Cramps) तब होती है जब पैर की कोई मांसपेशी, विशेष रूप से पिंडली (Calf) की मांसपेशी, अचानक और अनियंत्रित रूप से सिकुड़ जाती है। यह सिकुड़न इतनी तेज हो सकती है कि व्यक्ति की नींद खुल जाए और कुछ सेकंड से लेकर 5–10 मिनट तक तेज दर्द महसूस हो।

कई बार ऐंठन खत्म होने के बाद भी मांसपेशी में कई घंटों तक भारीपन या हल्का दर्द बना रह सकता है। हालांकि हर व्यक्ति में कारण और लक्षण अलग हो सकता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं।

1. शरीर में पानी की कमी (Dehydration)

मांसपेशियों के सामान्य कार्य के लिए केवल पानी ही नहीं, बल्कि सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स भी आवश्यक होते हैं। यदि गर्मी, अधिक पसीना, उल्टी-दस्त या पर्याप्त पानी न पीने के कारण इनका संतुलन बिगड़ जाए, तो नसों और मांसपेशियों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान प्रभावित हो सकता है। इससे मांसपेशियां सामान्य से अधिक उत्तेजित होकर ऐंठन पैदा कर सकती हैं।

यदि दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पीते, अधिक पसीना आता है या गर्म मौसम में काम करते हैं, तो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे मांसपेशियां अधिक संवेदनशील हो जाती हैं और रात में ऐंठन होने लगती है।

2. मैग्नीशियम की कमी

मैग्नीशियम मांसपेशियों और नसों के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक खनिज है। इसकी कमी होने पर- मांसपेशियां जल्दी थकती हैं, इससे पैरों में झटके या फड़कन जैसी हो सकती है, विशेषकर रात में ऐंठन की संभावना अधिक बढ़ जाती है

3. पोटैशियम की कमी

पोटैशियम मांसपेशियों के संकुचन और आराम (Contraction & Relaxation) को नियंत्रित करता है। यदि इसकी कमी हो जाए तो मांसपेशियां ठीक तरह से काम नहीं कर पातीं और ऐंठन होने लगती है।

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4. कैल्शियम की कमी

कैल्शियम केवल हड्डियों के लिए ही नहीं बल्कि मांसपेशियों के कार्य के लिए भी जरूरी है। कम कैल्शियम होने पर- मांसपेशियां बार-बार सिकुड़ सकती हैं, पैरों में दर्द और ऐंठन बढ़ सकती है

5. लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना

यदि आप कई घंटे कुर्सी पर बैठते हैं, लगातार ड्राइव करते हैं, लंबे समय तक पैरों को मोड़कर बैठते हैं तो रक्त प्रवाह कम हो सकता है और रात में ऐंठन की संभावना बढ़ सकती है।

6. पूरे दिन अधिक खड़े रहना

यदि आपने पूरे दिन बहुत देर तक खड़े रहकर काम किया है, लंबी पैदल यात्रा की है, सीढ़ियां अधिक चढ़ी हैं या सामान्य से अधिक व्यायाम किया है, तो मांसपेशियों में सूक्ष्म थकान (Muscle Fatigue) आ जाती है। आराम करते समय यही थकी हुई मांसपेशियां कभी-कभी अनियंत्रित रूप से सिकुड़ जाती हैं और रात में ऐंठन का कारण बनती हैं।

शिक्षक, नर्स, दुकानदार, फैक्ट्री कर्मचारी या रसोई में लंबे समय तक खड़े रहने वाले लोगों में यह समस्या अधिक देखी जाती है। दिनभर मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ने के कारण रात में ऐंठन हो सकती है।

7. बढ़ती उम्र

उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों का द्रव्यमान और लचीलापन धीरे-धीरे कम होने लगता है। साथ ही, नसों और मांसपेशियों के कार्य में भी कुछ प्राकृतिक बदलाव आते हैं, नसों की कार्यक्षमता में बदलाव आने लगता है। इसलिए 50 वर्ष की आयु के बाद रात में पैरों की ऐंठन अपेक्षाकृत अधिक देखी जाती है।

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8. गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ने, हार्मोनल बदलाव, रक्त संचार में परिवर्तन और खनिजों की बढ़ी हुई आवश्यकता के कारण विशेषकर दूसरी और तीसरी तिमाही में पैरों की ऐंठन काफी सामान्य है। इसका कारण वजन बढ़ना, रक्त संचार में बदलाव, मैग्नीशियम या कैल्शियम की बढ़ी हुई आवश्यकता होती है।

9. कुछ दवाइयों का प्रभाव

कुछ दवाएं भी ऐंठन का कारण बन सकती हैं, जैसे- मूत्रवर्धक दवाएं (Diuretics), कुछ ब्लड प्रेशर की दवाएं, कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली कुछ दवाएं (Statins), कुछ अस्थमा की दवाएं। यदि नई दवा शुरू करने के बाद ऐंठन की समस्या बढ़ी हो तो डॉक्टर से सलाह लें।

10. कुछ बीमारियां

बार-बार होने वाली ऐंठन कभी-कभी किसी अंतर्निहित बीमारी का संकेत भी हो सकती है, जैसे- मधुमेह (Diabetes), किडनी रोग, थायरॉयड की समस्या, नसों से जुड़ी बीमारियां, लीवर रोग, Peripheral Artery Disease (रक्त संचार की समस्या) आदि।

11. सोते समय मांसपेशियों का सिकुड़ना

जब हम सोते हैं, विशेषकर यदि पैर नीचे की ओर झुके (Plantar Flexion) रहते हैं, तो पिंडली की मांसपेशियां थोड़ी सिकुड़ी हुई अवस्था में आ जाती हैं। यदि दिनभर की थकान या मांसपेशियों में पहले से तनाव हो, तो रात में अचानक हल्की-सी हरकत भी मांसपेशी को जोर से संकुचित कर सकती है, जिससे ऐंठन शुरू हो जाती है।

12. रक्त संचार का धीमा होना

रात में शरीर आराम की अवस्था में होता है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठा रहा हो या सोते समय पैर असुविधाजनक स्थिति में हों, तो कुछ लोगों में मांसपेशियों तक रक्त प्रवाह अस्थायी रूप से कम हो सकता है। इससे ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति प्रभावित होती है और ऐंठन की संभावना बढ़ सकती है।

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ध्यान रखें

यदि रात में ऐंठन कभी-कभार होती है, तो यह अक्सर गंभीर चिंता का कारण नहीं होती। लेकिन यदि यह सप्ताह में कई बार होने लगे, दर्द बहुत अधिक हो, या इसके साथ सूजन, कमजोरी, सुन्नपन या चलने में कठिनाई भी हो, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर कारण की जांच कराना आवश्यक है। ऐसी स्थिति में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहना उचित नहीं है।

किन लोगों में यह समस्या अधिक होती है?

  • 40–50 वर्ष से अधिक आयु
  • गर्भवती महिलाएं
  • खिलाड़ी
  • अधिक व्यायाम करने वाले
  • लंबे समय तक खड़े रहने वाले
  • ऑफिस में लगातार बैठकर काम करने वाले
  • मधुमेह के मरीज
  • डिहाइड्रेशन वाले लोग

रात में ऐंठन होने पर तुरंत क्या करें?

यदि अचानक ऐंठन शुरू हो जाए तो घबराएं नहीं।

1. पैर को सीधा करें: घुटने को सीधा रखें और पैर की उंगलियों को अपनी ओर खींचें। इससे मांसपेशी धीरे-धीरे ढीली होने लगती है।

2. हल्की स्ट्रेचिंग करें: पिंडली की मांसपेशियों को धीरे-धीरे स्ट्रेच करें। जोर लगाने की कोशिश न करें।

3. हल्की मालिश करें: ऐंठन वाली जगह पर हल्के हाथों से मसाज करें।

4. चलना शुरू करें: कुछ मिनट कमरे में धीरे-धीरे चलने से मांसपेशी सामान्य हो सकती है।

5. गर्म सिकाई करें: गर्म पानी की बोतल या गर्म तौलिया रखने से मांसपेशी आराम महसूस करती है।

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रात में पैरों की ऐंठन से बचने के उपाय

1. पर्याप्त पानी पिएं- दिनभर नियमित रूप से पानी पिएं। गर्मी या व्यायाम के दौरान पानी की मात्रा बढ़ाएं।

2. सोने से पहले स्ट्रेचिंग करें- केवल 5–10 मिनट की स्ट्रेचिंग भी काफी लाभदायक हो सकती है।

3. संतुलित भोजन लें- अपने भोजन में शामिल करें- केला, नारियल पानी, दही, दूध, तिल, बादाम, कद्दू के बीज, पालक, दालें

4. लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रहें- हर 45–60 मिनट में उठकर थोड़ा चलें।

5. आरामदायक जूते पहनें- गलत फुटवियर भी मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

6. नियमित व्यायाम करें- हल्की वॉक, योग और स्ट्रेचिंग मांसपेशियों को स्वस्थ रखते हैं।

7. अत्यधिक व्यायाम से बचें- बिना वार्म-अप के भारी एक्सरसाइज न करें।

कौन-कौन से योग लाभदायक हो सकते हैं?

  • ताड़ासन
  •  अधोमुख श्वानासन
  •  भुजंगासन
  •  पश्चिमोत्तानासन
  •  वज्रासन के बाद हल्की स्ट्रेचिंग

योग प्रशिक्षक की सलाह से ही अभ्यास करें यदि कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या हो।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

यदि – ऐंठन रोज होने लगे, दर्द बहुत अधिक हो, सूजन भी हो, पैर लाल या गर्म लगे, कमजोरी महसूस हो, चलने में परेशानी हो, केवल एक पैर में लगातार समस्या रहे, ऐंठन के साथ सुन्नपन या झुनझुनी हो, कोई नई दवा शुरू करने के बाद समस्या बढ़ी हो तो डॉक्टर से अवश्य मिलें।

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💡 क्या आप जानते हैं?

अध्ययनों के अनुसार 50 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग हर 3 में से 1 व्यक्ति को कभी न कभी रात में पैरों की ऐंठन का अनुभव होता है। अधिकांश मामलों में यह गंभीर बीमारी नहीं होती, लेकिन यदि ऐंठन बार-बार हो रही हो या इसके साथ सूजन, कमजोरी या सुन्नपन भी हो, तो डॉक्टर से जांच कराना आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या रात में पैरों में ऐंठन होना खतरनाक है?

अधिकांश मामलों में नहीं। लेकिन यदि यह बार-बार हो या अन्य लक्षणों के साथ हो, तो जांच जरूरी है।

क्या केले खाने से ऐंठन ठीक हो जाती है?

केला पोटैशियम का अच्छा स्रोत है, लेकिन हर ऐंठन केवल पोटैशियम की कमी से नहीं होती।

क्या पानी कम पीने से ऐंठन होती है?

हां, डिहाइड्रेशन कई लोगों में एक प्रमुख कारण हो सकता है।

क्या मधुमेह में पैरों की ऐंठन होती है?

मधुमेह में नसों और रक्त संचार पर प्रभाव पड़ने के कारण कुछ लोगों में यह समस्या हो सकती है।

क्या रात को सोने से पहले स्ट्रेचिंग फायदेमंद है?

हां। नियमित स्ट्रेचिंग से कई लोगों में रात की ऐंठन की आवृत्ति कम हो सकती है।

निष्कर्ष

रात में पैरों में ऐंठन एक सामान्य लेकिन असुविधाजनक समस्या है। इसकी वजह केवल कैल्शियम या पोटैशियम की कमी ही नहीं, बल्कि डिहाइड्रेशन, बढ़ती उम्र, लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना, गर्भावस्था, कुछ दवाएं और अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी हो सकती हैं।

यदि यह समस्या कभी-कभार होती है, तो पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार, नियमित स्ट्रेचिंग और हल्का व्यायाम अक्सर राहत दिला सकते हैं। लेकिन यदि ऐंठन बार-बार हो, बहुत दर्दनाक हो या इसके साथ कमजोरी, सूजन या सुन्नपन जैसे लक्षण भी हों, तो कारण जानने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।

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